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Ucchista Ganapati

Ucchista Ganapati is a rare and powerful Tantric form of Lord Ganesha, renowned for granting worldly pleasures, abundance, and mastery over speech, as well as having deep esoteric significance in Hindu spiritual practice. ### Iconography and Symbolism Ucchista Ganapati is usually depicted as red, blue, or dark in complexion, with four or six arms, seated on a lotus throne, and sometimes shown with a consort (Shakti) on his lap. He holds spiritual and material symbols such as the rosary, pomegranate, paddy ear, nocturnal lotus, and the vina (lute), emphasizing his role as a grantor of knowledge and prosperity. His appearance and rituals are distinctly Tantric, representing the union of Ganesha and Divine Mother, and transcending traditional purity concepts. ### Tantric Significance Ucchista Ganapati worship is associated with Vamachara (left-handed path) Tantric practices, often involving rituals considered unconventional or taboo in orthodox Hinduism, such as sadhana with ritual impuri...

Ucchista Yakshini Sadhana Mantra

Ucchista Yakshini Sadhana is a powerful and unconventional Tantric practice involving the invocation of Ucchista Yakshini, known for bestowing wealth, wisdom, and fulfillment of desires. ### Mantra for Ucchista Yakshini Sadhana A widely mentioned mantra for this sadhana is: "ॐ जगत् मात्र के पद्मनिभ स्वाहा"   "Om Jagat Matra Ke Padmanibha Swaha" This mantra is described as effective even when chanted in states of ritual impurity (उच्छिष्ट), such as after eating or at odd times, and does not have strict rules regarding posture, rosary, or traditional purity.  - The sadhana can be performed while sitting, lying down, or even while eating/drinking, according to descriptions found in Tantric traditions. - The mantra is traditionally chanted for a count of 20,000 repetitions for the sadhana to be considered complete. - Practitioners are cautioned to approach the Yakshini as a mother or sister figure to avoid negative repercussions, and never as a lover or wife. - The sadh...

Shri Sudershan Kavach

श्री सुदर्शन कवच भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र की शक्ति से युक्त एक अत्यंत प्रभावशाली कवच है, जो जीवन की सारी बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जाओं से रक्षा करता है। इसके मंत्र और श्लोक भगवान सुदर्शन नारायण का पूजन और ध्यान कर उनके अनुकूल प्रभाव प्राप्त करने के लिए रचे गए हैं।  सुदर्शन कवच की मुख्य शुरुआत इस प्रकार होती है: ॐ सुदर्शनाय विद्महे महाज्वालाय धीमहि तन्न: चक्र: प्रचोदयात्। इसके बाद कवच में विभिन्न मंत्र और स्तोत्र होते हैं, जो शत्रुओं के नाश, रोग, दुष्ट प्रभाव, और मन की शांति हेतु पढ़े जाते हैं। कवच में भगवान सुदर्शन के रूप, शक्ति, और उनके चक्र की महिमा का वर्णन होता है।  इस कवच के पाठ से मन में शुद्धि, आत्मबल, आध्यात्मिक उन्नति और जीवन की बाधाओं का नाश होता है। भक्त इसे श्रद्धा से निरंतर पढ़ते हैं तो संकटों से रक्षा पाते हैं। यहाँ सुदर्शन कवच के प्रारंभिक मंत्र और कुछ अंश प्रस्तुत हैं: ॐ अस्य श्री सुदर्शन कवचमालामन्त्रस्य। विनियोगः। ॐ क्षां अंगुष्ठाभ्यां नमः ॐ हीं तर्जनीभ्यां नमः ॐ श्रीं मध्यमाभ्यां नमः ॐ सहस्रार अनाभिकाभ्यां नमः (ध्यानम् उपास्महे नृसिंहाख्यं ब्रह्मवेदान्तगोच...

Matangi sadhana mantra

Matangi Sadhana is a Tantric spiritual practice dedicated to Goddess Matangi, one of the Dasha Mahavidyas, revered as the deity of music, speech, arts, attraction, and transformation. This sadhana is considered beneficial for those seeking mastery over expression, creative abilities, harmonious relationships, and material as well as spiritual growth. Core Aspects of Matangi Sadhana - **Deity and Symbolism:** Matangi is the ninth Mahavidya and is closely Matangi: Sadhana of Goddess of Arts and Music.She presides over the Vishuddha (throat) chakra, representing communication and creative expression. - **Purpose:** The sadhana is sought for blessings in artistic endeavors, improvement in speech, overcoming fear of public speaking, personal attraction, and removal of blocks related to creativity and communication. - **Approach:** Sadhana ranges from simple mantra chanting (such as reciting “Om Matangyai Namaha” 108 times daily for 11 or 40 days), to more elaborate rituals involving yantras...

Kali Tandav Stotram"

 "Kali Tandav Stotram"  हुंहुङ्कारे शवारूढे नीलनीरजलोचने । त्रैलोक्यैकमुखे दिव्ये कालिकायै नमोऽस्तु ते ॥ १ ॥ प्रत्यालीढपदे घोरे मुण्डमालाप्रलम्बिते । खर्वे लम्बोदरे भीमे कालिकायै नमोऽस्तु ते ॥ २ ॥ नवयौवनसम्पन्ने गजकुम्भोपमस्तनी । वागीश्वरी शिवे शान्ते कालिकायै नमोऽस्तु ते ॥ ३ ॥ लोलजिह्वे हरालोके नेत्रत्रयविभूषिते । घोरहास्यत्कटा कारे कालिकायै नमोऽस्तु ते ॥ ४ ॥ व्याघ्रचर्माम्बरधरे खड्गकर्तृकरे धरे । कपालेन्दीवरे वामे कालिकायै नमोऽस्तु ते ॥ ५ ॥ नीलोत्पलजटाभारे सिन्धूरेन्दुमुखोदरे । स्फुरद्वक्त्रोष्टदशने कालिकायै नमोऽस्तु ते ॥ ६ ॥ प्रलयानलधूम्राभे चन्द्रसूर्याग्निलोचने । शैलवासे शुभे मातः कालिकायै नमोऽस्तु ते ॥ ७ ॥ ब्रह्मशम्भुजलौघे च शवमध्ये प्रसंस्थिते । प्रेतकोटिसमायुक्ते कालिकायै नमोऽस्तु ते ॥ ८ ॥ कृपामयि हरे मातः सर्वाशापरिपुरिते । वरदे भोगदे मोक्षे कालिकायै नमोऽस्तु ते ॥ ९ ॥ इत्युत्तरतन्त्रार्गतं श्री काली ताण्डव स्तोत्रम् सम्पूर्णम् ॥ This powerful stotra glorifies Maa Kali's fierce and compassionate aspects, energizes the devotee, and cultivates fearlessness and devot...

Bavan Veer mantra

The Bavan Veer mantra (often spelled 52 Veer mantra or Bawan Veer Shabar mantra) is a powerful and mystical invocation from the Shabar Tantra tradition, calling upon 52 divine warrior spirits associated with Lord Hanuman, Gorakhnath, and Kali. It is primarily used for protection, removal of obstacles, exorcism, and energy shielding. Meaning and OriginThe term Bavan Veer literally means “52 heroic warriors.” In Shabar and Nath traditions, it refers to 52 astral entities or warrior forces created or commanded by Hanuman and Bhairava to protect Dharma and devotees. The mantra belongs to the Shabar lineage (often attributed to Guru Gorakhnath’s teachings) and combines Vedic, Tantric, and folk mystic elements .Popular Bavan Veer Shabar Mantra One widely recited version of the mantra is given below (as preserved in traditional Shabar texts and oral transmission): Mantra: ॐ सत्यनाम आदेश गुरु को आदेश पावन पानी का। नाँद अनाहद दुन्दुभी बाजे जहाँ बैठी जोगमाया साजे। चौंसठ योगिनी बावन वीर बालक की ह...

व्यापार / पैसे के लिएवशीकरण (Money / BusinessVashikaran)

 व्यापार / पैसे के लिए वशीकरण (Money / Business Vashikaran) यह वशीकरण किसी ग्राहक, मालिक, या आर्थिक अवसर को आकर्षित करने के लिए किया जाता है। विशेषकर व्यापारी, नौकरीपेशा या धन- संबंधित समस्याओं से जूझ रहे लोग इसका प्रयोग करते हैं। → उपयोग कब करें: जब व्यवसाय में ग्राहक नहीं आ रहे हों प्रमोशन या सैलरी वृद्धि के लिए निवेशक या पार्टनर को प्रभावित करने के लिए मुख्य विशेषता: यह मनोविज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा पर आधारित होता है कुबेर, लक्ष्मी, बगलामुखी जैसे देवताओं का आह्वान किया जाता है प्रयोग में भोजपत्र, पीली वस्तुएं, धन संबंधी यंत्र प्रयोग होते हैं निष्कर्ष: हर प्रकार का वशीकरण अपने-आप में विशिष्ट होता है, और उसका प्रयोग उसी के अनुसार किया जाना चाहिए । इस विद्या की शक्ति को समझना और उसका सही दिशा में उपयोग करना ही साधक को सच्ची सफलता दिला सकता है। मंत्र : व्यापार वशीकरण मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं लक्ष्मी -वशं कुरु कुरु स्वाहा ।  हिंदी अर्थ : हे लक्ष्मी देवी! कृपया मेरे व्यापार में आकर्षण और समृद्धि लाएं। प्रयोग विधि : दुकान / ऑफिस के पूजा स्थान पर मंत्र का जाप करें • हर ग्राहक के आने से...